#जलंधर के बाद पंजाब में फर्टिलिटी चेन का यह दूसरा सेंटर है।
#फर्टिलिटी विशेषज्ञ ने पाया कि 30 में से 5 पुरुषों को नशावृत्ति के कारण बांझपन की शिकायत है।
डॉ. बत्रा ने आगे बताया कि कई दंपत्तियों को दूसरी बार गर्भधारण करने में भी समस्या होती है। इस स्थिति को सैकंडरी इन्फर्टिलिटी कहा जाता है और यह लगभग 35 प्रतिशत मामलों में देखने को मिलती है। देर से विवाह और बच्चों के बीच बड़ा अंतर होने के कारण सैकंडरी इन्फर्टिलिटी हो सकती है। हालाँकि दंपत्तियों को अब फिक्र करने की जरूरत नहीं, क्योंकि वो फर्टिलिटी विशेषज्ञ से परामर्श लेकर अपना इलाज करा सकते हैं।’’
एक अध्ययन के मुताबिक, लगभग 10 से 15 प्रतिशत भारतीय दंपत्ति फर्टिलिटी की समस्याओं से पीड़ित हैं और प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण करने में असमर्थ हैं। इन दंपत्तियों में से केवल 1 प्रतिशत ही फर्टिलिटी का परीक्षण कराते हैं। टियर 2 और टियर 3 शहरों में यह दर इससे भी कम है, जहाँ बांझपन के बारे में जागरुकता कम होने की वजह से इसे कलंक माना जाता है।
बांझपन के इलाज के बारे में डॉ. गुरप्रीत बत्रा ने कहा, ‘‘इन्फर्टिलिटी को संबोधित करना और इसके बारे में जागरुकता बढ़ाना बहुत जरूरी हो गया है क्योंकि लोग अपने प्रजनन के स्वास्थ्य को बहुत कम महत्व दिया करते हैं। विज्ञान में हुई उन्नति के साथ, बांझपन का इलाज संभव हो गया है। दंपत्ति, खासकर एनआरआई, जो लंबे समय तक एक दूसरे से दूर रहते हैं, उन्हें समय पर गर्भधारण की योजना बना लेना चाहिए। यदि वो कोशिश करने के बाद भी एक साल तक गर्भधारण करने में असमर्थ रहते हैं, तो उन्हें फर्टिलिटी विशेषज्ञ का परामर्श लेना चाहिए। आईवीएफ इलाज की सफलता तय करने में उम्र की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दंपत्तियों को प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य, खासकर ऑव्युलेशन, और फर्टिलिटी विंडो जैसे विषयों के बारे में शिक्षित किए जाने की जरूरत है। यदि किसी को पीसीओडी, एंडोमीट्रियोसिस जैसी समस्याएं हैं, तो उन्हें गर्भधारण की योजना पहले से ही बना लेनी चाहिए, क्योंकि इन समस्याओं से फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ सकता है। नशावृत्ति के इतिहास वाले पुरुषों में स्पर्म की संख्या कम होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए एक अच्छे आहार और नियमित व्यायाम के साथ सेहतमंद जीवनशैली बनाए रखना बहुत जरूरी है। महिला और पुरुषों को यह जानना जरूरी है कि इन्फर्टिलिटी का इलाज संभव है, इसलिए उन्हें माता-पिता बनने का अपना सपना पूरा करने के लिए आगे आना चाहिए।’’
श्री शोभित अग्रवाल, चीफ एग्ज़िक्यूटिव ऑफिसर, नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी ने कहा, ‘‘नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी में हमारा उद्देश्य पूरे देश के दंपत्तियों को सदैव विश्व स्तर की फर्टिलिटी केयर के विस्तृत समाधन प्रदान करना है। जहाँ मेट्रो शहरों के दंपत्तियों को विभिन्न फर्टिलिटी इलाज केंद्रों और गुणवत्तायुक्त फर्टिलिटी के इलाज की सुविधा आसानी से मिलती है, वहीं टियर 2 और टियर 3 शहरों में इनकी उपलब्धता बहुत कम है। पंजाब में अपनी सेवाओं द्वारा हमें उम्मीद है कि हम न केवल लुधियाना शहर बल्कि आसपास के लोगों को भी गुणवत्तायुक्त इलाज प्रदान कर सकेंगे। लुधियाना में हमारे योग्य व कुशल क्लिनिशियंस, एम्ब्रायोलॉजिस्ट और मनोवैज्ञानिक काउंसलर्स इस क्षेत्र के दंपत्तियों को अपनी सेवाएं दे संतान प्राप्त करने का उनका सपना पूरा करने के लिए उत्साहित हैं।’’
लुधियाना में नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी एक विस्तृत फर्टिलिटी इलाज केंद्र है, जिसके पास अत्याधुनिक टेक्नॉलॉजी एवं सर्व सुविधाओं से युक्त आईवीएफ लैब है। यहाँ पर फर्टिलिटी का इलाज करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानको का उपयोग किया जाता है। इन-वाईट्रो फर्टिलाईज़ेशन (आईवीएफ) जैसी सेवाओं के अलावा इस केंद्र में इंट्रायूटेराईन इंसेमिनेशन (आईयूआई), इंट्रासाईटोप्लाजि़्मक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई), प्रि-जेनेटिक टेस्टिंग (पीजीटी), सीमन एनालिसिस, टेस्टिकुलर स्पर्म एस्पायरेशन (टेसा), परक्यूटेनियस एपिडिडाईमल स्पर्म एस्पायरेशन (पेसा), माईक्रोसर्जिकल टेस्टिकुलर स्पर्म एक्सट्रैक्शन (माईक्रोटेसे), क्रायोप्रिज़र्वेशन, और फर्टिलिटी के आकलन के लिए खून की जाँच आदि की सुविधाएं भी हैं। देखिए लुधियाना से संजीव कुमार शर्मा की ये रिपोर्ट
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