ਬੁੱਢੇ ਦਰਿਆ ਦੀ ਸਫਾਈ ਦਾ ਅਸਰ ਲੁਧਿਆਣੇ ਤੱਕ ਹੀ ਨਹੀਂ ਰਾਜਸਥਾਨ ਤੱਕ ਜਾਵੇਗਾ- ਮੁੰਡੀਆ

ਬੁੱਢੇ ਦਰਿਆ ਦੀ ਕਾਰ ਸੇਵਾ ਕਰਵਾ ਰਹੇ ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਦੀ ਕੀਤੀ ਪ੍ਰਸੰਸਾ - ਭੂਖੜੀ ਖਰੁਦ ਵਿੱਚ ਦੇਖਿਆ ਸੀਚੇਵਾਲ ਮਾਡਲ 

ਲੁਧਿਆਣਾ, ਮਾਲ ਤੇ ਜਲ  ਸਪਲਾਈ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੁੰਡੀਆ ਨੇ ਬੁੱਢੇ ਦਰਿਆ ਦੀ ਰਾਜ ਸਭਾ ਮੈਂਬਰ ਸੰਤ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸੀਚੇਵਾਲ ਵੱਲੋਂ ਕਰਵਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਕਾਰ ਸੇਵਾ ਦੀ ਪ੍ਰਸੰਸਾਂ ਕਰਦਿਆ ਕਿਹਾ ਬੁੱਢਾ ਦਰਿਆ ਸਾਫ ਹੋਣ ਦਾ ਅਸਰ ਇੱਕਲੇ ਪੰਜਾਬ ‘ਤੇ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸਗੋਂ ਰਾਜਸਥਾਨ ਤੱਕ ਹੋਵੇਗਾ।ਅੱਜ ਬਾਅਦ ਦੁਪਹਿਰ ਭੂਖੜੀ ਖੁਰਦ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਬੁੱਢੇ ਦਰਿਆ ਵਿੱਚ ਪੈੂ ਰਹੇ ਗੰਦੇ ਪਾਣੀ ਰੋਕਣ ਲਈ ਬਣਾਏ ਗਏ ਸੀਚੇਵਾਲ ਮਾਡਲ-2 ਦਾ ਜਾਇਜਾਂ ਲਿਆ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਮਾਲ ਮੰਤਰੀ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੁੁੰਡੀਆ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਹਰ ਦੇ ਮਨ ਵਿੱਚ ਇਹੀ ਗੱਲ ਬੈਠ ਗਈ ਸੀ ਕਿ ਬੁੱਢਾ ਦਰਿਆ ਕਦੇਂ ਸਾਫ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਦਾ ਪਰ ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਦੇ ਸਿਰੜ ਅੱਗੇ ਜਲਦੀ ਹੀ ਬੁੱਢਾ ਨਾਲਾ ਬੁੱੱਢਿਆ ਦਰਿਆ ਬਣਨ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਤੇ ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਲੁਧਿਆਣੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਬੁੱਢਾ ਦਰਿਆ ਸਾਫ ਕਰਨ ਦੀ ਚੱਲ ਰਹੀ ਮੁਹਿੰਮ ਵਿੱਚ ਸਹਿਯੋਗ ਕਰਨ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ ਲਈ ਵੀ ਅੱਗੇ ਆਉਣ। ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੁੰਡੀਆ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੁੱਢਾ ਦਰਿਆ ਕਦੇਂ ਸਾਫ ਵਗਿਆ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਲੋਕ ਇਸ ਵਿੱਚ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦੇ ਸਨ ਪਰ ਦੇਖਦਿਆ ਦੇਖਦਿਆ ਹੀ ਇਹ ਦਰਿਆ ਬੁੱਢੇ ਨਾਲੇ ਵਿੱਚ ਬਦਲ ਗਿਆ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਪਣੇ ਹਲਕੇ  ਸਾਹਨੇਵਾਲ ਦੇ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸੀਚੇਵਾਲ ਮਾਡਲ-2 ਤਹਿਤ ਗੰਦੇ ਪਾਣੀਆਂ ਦੇ ਕੀਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਲਈ ਵੀ ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ। ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਨੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਗੰਦੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਸਾਫ ਕਰਨ ਲਈ ਬਣਾਏ ਮਾਡਲ  ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਹੜੇ ਤਿੰਨ ਖੁਹ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਦੀ ਪਾਣੀ ਸਾਈਕਲੋਨ ਵਿਧੀ

ਰਾਹੀ ਘੁੰਮਕੇ ਸਾਫ ਹੋਵੇਗਾ। ਛੱਪੜ ਵਿੱਚ ਧੁੱਪ ਲੱਗਣ ਨਾਲ  ਪਾਣੀ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਣੀ ਅੋਰਬਿਕ ਕ੍ਰਿਰਿਆ ਰਾਹੀ ਪਾਣੀ ਸਾਫ ਹੋਵੇਗਾ।ਛੱਪੜ ਵਿੱਚੋ ਪਾਣੀ ਖੇਤੀ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਸੋਲਰ ਮੋਟਰ ਲਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪਿੰਡ ਦੁੇ ਸਰਪੰਚ ਸਤਪਾਲ ਨੰਬਰਦਾਰ ਸਮੇਤ ਪਿੰਡ ਦੇ ਹੋਰ ੋਕ ਵੀ ਸਨ ਜਿੰਨ੍ਹਾਂ ਮਾਲ ਮੰਤਰੀ ਦਾ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ। ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਨੂੰ ਐਕਸਾਵੇਟਰ ਚਲਾਉਂੋਦਿਆ ਦੇਖ ਹੈਰਾਨ ਹੋਏ ਮੰਤਰੀ ਪਿੰਡ ਭੂਖੜੀ ਖਰੁਦ ਵਿੱਚ ਸੀਚੇਵਾਲ ਮਾਡਲ ਦੇਖਣ ਆਏ ਮਾਲ ਮੰਤਰੀ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੁੰਡੀਆ ਉਸ ਵੇਲੇ ਹੈਰਾਨ ਹੋ ਗਏ ਜਦੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਬੁੱਢੇ ਦਰਿਆ ਵਿੱਚ ਜੰਮਿਆ ਹੋਇਆ ਗੋਹਾ ਕੱਢਣ ਲਈ ਐਕਸਾਵੇਟਰ ਆਪ ਚਲਾ ਰਹੇ ਸਨ। ਮਾਲ ਮੰਤਰੀ ਆਪ ਦਰਿਆ ਵਿੱਚ ਦੀ ਹੋ ਕੇ ਉਥੇ ਪਹੁੰਚ ਗਏ ਜਿੱਥੇ ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਜੀ ਐਕਸਾਵੇਟਰ ਚਲਾ ਰਹੇ ਸਨ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਡੇਅਰੀਆਂ ਦਾ ਗੋਹਾ ਦਰਿਆ ਨੂੰ  ਜਾਮ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ।

जाब के Schools को जारी हुए निर्देश

लुधियाना : 
 पंजाब के स्कूलों के लिए अहम खबर सामने आई है, दरअसल, शिक्षा विभाग ने स्कूलों को नए निर्देश जारी किए है। मिली जानकारी के मुताबिक लुधियाना के ब्लॉक में बढ़िया स्कूलों (Best School) को चयनित किया जाना, जिसके चलते विभाग द्वारा सभी बीपीईओज को निर्देश दिए गए हैं। जिले में Best School के लिए बीपीईओज को कहा निर्देश दिए गए हैं कि वह स्कूल में से एक या अधिक से अधिक Best School, जिन्होंने सैशन 2024-25 दौरान निम्नलिखित 16 पैरामीटर पूरे किए हैं उनकी तुरन्त रिपोर्ट भेजी जाए।
1. बिल्डिंग की स्थिति में क्या सुधार किए गए?
2. शैक्षणिक क्षेत्र में विशेष उपलब्धि।
3. विद्यार्थियों की संख्या में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई?
4. स्वच्छता की स्थिति (शौचालय, कमरे और परिसर)।
5. कितनी और कौन सी गतिविधियां करवाई गईं?
6. खेलों में उपलब्धियां ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर उपलब्धियों का विवरण।
7. पत्रिका प्रकाशित हुई है या नहीं।
8. कितनी शैक्षणिक प्रतियोगिताएं एवं क्विज प्रतियोगिताएं एवं किस-किस विषय में (किस-2 स्तर दिवस)।
9. वार्षिक समारोह
10. शिक्षकों द्वारा तैयार टीचिंग लर्निंग मटीरियल।
11. स्कूल में और उसके आसपास पौधों आदि की स्थिति।
12. मिड-डे मील की रसोई की स्थिति के संबंध में कोई विशेष उपाय।
13. किचन गार्डन है या नहीं?
14. स्कूल विकास हेतु आम जनता से लिया गया सहयोग!
15. मांगी गई डाक/सूचना समय पर भेजना।
16. विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति का प्रतिशत, कम उपस्थिति होने पर उसे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयास एवं परिणाम।
बताया जा रहा है कि, इन पैरामीटर को पूरने करने वाले चयनित स्कूल 27 फरवरी 2025 को स्कूल की पीपीटी के जरिए अत्याधिक 30 स्लाइड पेश करते हुए 5-7 मिनट की प्रेजेंटेशन देंगे। पीपीटी फाइनल करने से पहले संबंधित बीपीईओ स्कूल द्वारा तैयार की गई पीपीटी को निजी तौर पर फिजीकली वैरीफाई करना सुनिश्चित किया जाए।

कितने दिनों तक लेना चाहिए Vitamin-D सप्लीमेंट? सुबह या शाम, क्या है इसे लेने का सही समय

Vitamin D Deficiency: विटामिन-डी शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है जो हड्डियों, मांसपेशियों और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर को कैल्शियम और फॉस्फोरस को अब्जॉर्ब करने में मदद करता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। हालांकि, मॉडर्न लाइफस्टाइल, धूप में कम समय बिताना और खानपान में पोषक तत्वों की कमी के कारण कई लोगों में विटामिन-डी की कमी देखी जाती है। ऐसे में विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेना एक असरदार सॉल्यूशन (Vitamin D Supplements Benefits) हो सकता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेने का सही समय (Best time to take Vitamin D) क्या है और इन्हें कितने दिनों तक (Vitamin D Supplements Duration) लेना चाहिए? विटामिन-डी की ज्यादा मात्रा शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। इसलिए सप्लीमेंट्स शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर करें। नियमित जांच कराएं- विटामिन-डी का लेवल बहुत ज्यादा या बहुत कम होने पर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए हर 3-6 महीने पर इसकी जांच करवाएं। खासकर अगर आप सप्लीमेंट्स ले रहे हैं।लंबे समय तक सप्लीमेंट्स न लें- लंबे समय तक हाई डोज वाली विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेने से हाइपरकैल्शिमिया, किडनी स्टोन्स और दिल की बीमारियां हो सकती हैं। हेल्दी डाइट लें- विटामिन-डी सप्लीमेंट्स के साथ-साथ हेल्दी डाइट लेना भी जरूरी है। मछली, अंडे, दूध और दही जैसे फूड आइटम्स विटामिन-डी के नेचुरल सोर्स हैं। धूप में समय बिताएं- सूरज की रोशनी विटामिन-डी का सबसे अच्छा सोर्स है। हर रोज 15-20 मिनट सुबह की धूप में बिताने से शरीर में विटामिन-डी का लेवल बढ़ सकता है।

29 मार्च को लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, 4 घंटे तक छाया रहेगा अंधेरा

साल 2025 खगोल विज्ञान के दीवानों के लिए बेहद खास होने वाला है. इस साल दो सूर्य ग्रहण होंगे, जिनमें से पहला 29 मार्च को लगेगा. यह एक आंशिक ग्रहण होगा, जो यूरोप, उत्तर अफ्रीका और नॉर्थ पोल के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा. हालांकि, इसे सही तरीके से देखने के लिए थोड़ी तैयारी जरूरी होगी. साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लगेगा. हालांकि, यह ग्रहण पूर्ण नहीं, बल्कि आंशिक होगा. क्योंकि चंद्रमा की केंद्रीय छाया पृथ्वी के दक्षिण से गुजरेगी. यह खगोलीय घटना यूरोप और नॉर्थ पोल के कुछ हिस्सों को चार घंटे के लिए अंधेरे में डुबो देगी. टाइम एंड डेटा वेबसाइट के अनुसार आंशिक सूर्य ग्रहण का दीदार 814 मिलियन लोग कर सकेंगे. उत्तरी-पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका के उत्तर पूर्वी भाग, यूरोप और उत्तरी रूस से दिखाई देगा. कनाडा, पुर्तगाल, स्पेन, आयरलैंड, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, डेनमार्क, जर्मनी, नार्वे, फिनलैंड और रूस में दिखाई देगा. लेकिन साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा. इसके अलावा पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान, फिजी, मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात में भी देखा नहीं जा सकेगा.
सूर्य ग्रहण आखिर होता क्या है?
जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूरी तरह से रोक देता है, तब सूर्य ग्रहण होता है. यह घटना वैज्ञानिकों के लिए जितनी दिलचस्प होती है, उतनी ही रोमांचक आम लोगों के लिए भी होती है. सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से चार तरह के होते हैं:
1. पूर्ण ग्रहण (Total Eclipse): जब चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेता है और सूर्य की बाहरी परत (कोरोना) दिखाई देती है.
2. वलयाकार ग्रहण (Annular Eclipse): जब चंद्रमा सूर्य के बीच में आ जाता है, लेकिन उसका आकार छोटा होने के कारण सूरज का किनारा एक चमकती अंगूठी की तरह दिखता है.
3. आंशिक ग्रहण (Partial Eclipse): जब चंद्रमा सूर्य का सिर्फ एक हिस्सा ढकता है. 29 मार्च 2025 को ऐसा ही होगा.
4. संकर ग्रहण (Hybrid Eclipse): यह ग्रहण कुछ जगहों पर पूर्ण तो कुछ जगहों पर वल्याकार ग्रहण की तरह दिखता है.
2025: खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए खास साल
इस साल दो सूर्य ग्रहण पड़ने वाले हैं. पहला तो 29 मार्च को ही होगा जब आंशिक सौर ग्रहण यूरोप, उत्तर अफ्रीका और नॉर्थ पोल के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा. वहीं दूसरा 21 सितंबर को भी आंशिक सौर ग्रहण होगा जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में नजर आएगा. हालांकि ये दोनों पूर्ण ग्रहण नहीं होंगे, लेकिन फिर भी खगोल प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए यह साल काफी खास रहेगा.
कब और कहां दिखेगा 29 मार्च का ग्रहण?
यह ग्रहण लगभग चार घंटे तक चलेगा. ग्रहण की शुरुआत सुबह 7:50 बजे (पेरिस समयानुसार) होगी. जिसका अधिकतम प्रभाव11:47 बजे तक रहेगा और ये दोपहर 1:43 बजे के करीब समाप्त होगा. जो लोग ग्रहण की केंद्रीय रेखा के करीब होंगे, उन्हें सूर्य का अधिक बड़ा हिस्सा ढका हुआ नजर आएगा.
कैसे देखें यह अद्भुत नज़ारा?
ग्रहण को देखने के लिए साफ मौसम बेहद जरूरी होगा. इसलिए ऐसी जगहों का चुनाव करें जहांं बादल कम हो. ऊंचे इलाकों या ऐसी जगहों से इसे देखना बेहतक रहे जहां मौसम स्थिर रहता है. वहीं सुरक्षित आई एक्विपमेंट्स का इस्तेमाल करें. बिना किसी सुरक्षा उपाय के सूर्य की ओर सीधे न देखें. स्पेशल सोलर ग्लासेस या टेलीस्कोप का इस्तेमाल करें.

सोशल मीडिया पर सेना की छवि खराब करने वाले पूर्व सैनिकों पर FIR के निर्देश

Indian Army News: भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वाले पूर्व सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सेना मुख्यालय ने सभी कमांड को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे पूर्व सैनिकों की पहचान करें और एफआईआर दर्ज कराएं। जयपुर में एक पूर्व सैनिक के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर गलत जानकारी देकर भारतीय सेना की छवि खराब करने वाले पूर्व सैनिकों पर सेना ने शिकंजा कसना शुरू किया है। सूत्रों के मुताबिक सेना हेडक्वॉर्टर की तरफ से सेना की सभी कमांड को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पूर्व सैनिक अगर सोशल मीडिया पर सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाए। सूत्रों के मुताबिक एक पूर्व सैनिक के खिलाफ जयपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है, साथ ही अलग अलग शहर में कुछ पूर्व सैनिक सेना के रडार में हैं।
सूत्रों के मुताबिक जयपुर में जिन पूर्व सैनिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, वे एक यू-ट्यूब चैनल के जरिए लगातार सेना पर और सेना की कार्यशैली पर कई आरोप लगा चुके हैं। इसी तरह कुछ और पूर्व सैनिकों की पहचान की गई है, इनमें कुछ वे पूर्व सैनिक भी शामिल हैं जो सेना से अनुशासनहीनता की वजह से निकाले गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सेना हेडक्वॉर्टर की तरफ से सेना की सभी कमांड को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार सोशल मीडिया मॉनिटर करें और उन पूर्व सैनिकों की पहचान करें जो सेना की इमेज खराब कर रहे हैं, उनकी डिटेल निकालें, उनकी पहचान स्थापित करें और भारतीय न्याय संहिता सहित सभी उचित धाराओं में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं।

क्या है ऐक्शन प्लान?

निर्देश में कहा गया है कि सेना हेडक्वॉर्टर लगातार इन एफआईआर को फॉलो करेगा और सुनिश्चित करेगा कि सेना की छवि खराब करने वाले पूर्व सैनिकों पर कानून का शिकंजा कसे। पिछले साल सेना की एजी ब्रांच की तरफ से सेना के सभी कमांड हेडक्वॉर्टर को एक अडवाइजरी भेजी गई थी। उस अडवाइजरी में आर्मी के पेंशन रेगुलेशन एक्ट-2008 का हवाला देते हुए लिखा गया था कि कॉम्पिटेंट अथॉरिटी किसी भी पूर्व सैनिक की पेंशन पूरी तरह से या उसका कुछ हिस्सा रोक सकती है। अगर कोई गंभीर तौर पर अनुचित आचरण का दोषी पाया जाता है तो कंपीटेंट अथॉरिटी को यह अधिकार है कि जो पेंशन पहले से दी जा रही है उसे रोका जा सकता है क्योंकि पेंशन देने के लिए उनका भविष्य का अच्छा आचरण भी एक शर्त है।

दुश्मन कर सकता है इनका इस्तेमाल

सेना की तरफ से पहले जो अडवाइजरी जारी की गई थी उसमें कहा गया था कि पिछले कुछ वक्त में सोशल मीडिया के जरिए भारतीय सेना के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने में कुछ पूर्व सैनिक एक्टिव दिख रहे हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए सेना में सर्विस लाइफ और सर्विस कंडीशन के बारे में लोगों को भड़का रहे हैं। इसमें जो भाषा इस्तेमाल की जा रही है वह सेना की इमेज खराब कर रही है और हेट स्पीच है। सेना को मिली इंटरनल रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया में पूर्व सैनिकों के इस तरह के विडियो और झूठे नेरेटिव और प्रोपेगेंडा विडियो का असर लोगों के दिमाग में होता है और दुश्मन इसका इस्तेमाल भारतीय सेना के खिलाफ कर सकता है।

शंभू बार्डर खुलवाया जाए: सीएम भगवंत मान से मिले उद्योगपति, मिला समाधान का आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पंजाब भौगोलिक रूप से जमीनी सीमाओं से जुड़ा राज्य है और किसान आंदोलन के कारण शंभू बार्डर पर यातायात ठप होने से व्यापारिक गतिविधियां बहुत प्रभावित हो रही हैं। 
पंजाब के उद्योगपतियों और व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शंभू बॉर्डर खुलवाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान से उनके सरकारी निवास पर मुलाकात की और उनके हस्तक्षेप की मांग की। सीएम मान ने उद्योगपतियों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पंजाब भौगोलिक रूप से जमीनी सीमाओं से जुड़ा राज्य है और किसान आंदोलन के कारण शंभू बार्डर पर यातायात ठप होने से व्यापारिक गतिविधियां बहुत प्रभावित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को पेश आ रही सभी समस्याओं का समाधान करके उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

एक झटके में खाली हो जाएगा आपका अकाउंट! सोशल मीडिया पर भूलकर भी न करें ये गलती...

Online Fraud Protection Tips: क्या आप जानते हैं कि सोशल मीडिया पर की गई एक छोटी सी गलती आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकती है? साइबर अपराधी आपकी जानकारी चुराकर फ्रॉड कर सकते हैं. ऐसी कौन-सी गलतियां हैं जिन्हें आपको तुरंत रोकना चाहिए? 
लुभावने ऑफर्स के जाल में न फंसें 
स्कैमर्स नकली ऑफर्स और गिफ्ट्स देकर लोगों को फंसाते हैं, इसलिए किसी भी ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी सच्चाई जांच लें.
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
कई बार सोशल मीडिया पर अनजान लिंक भेजकर आपके अकाउंट को हैक किया जा सकता है, इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक को बिना जांचे न खोलें.
फर्जी जॉब ऑफर से रहें सावधान
स्कैमर्स नकली कंपनियों के नाम से नौकरी के झूठे ऑफर देकर बैंक डिटेल्स और अन्य निजी जानकारी चुराते हैं, इसलिए जॉब ऑफर की पूरी जांच करें.
OTP और CVV किसी को न बताएं 
बैंक या कोई भी संस्थान आपसे कभी भी OTP या CVV नहीं मांगता, इसे साझा करने से आपका बैंक अकाउंट मिनटों में खाली हो सकता है.
पर्सनल डिटेल्स सार्वजनिक न करें
सोशल मीडिया पर अपने आधार नंबर, पैन कार्ड, फोन नंबर और बैंक डिटेल्स साझा करने से बचें, क्योंकि यह स्कैमर्स के लिए सोने की खान साबित हो सकता है.
फेक प्रोफाइल्स को पहचानें
अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट या प्रोफाइल्स को तुरंत ब्लॉक करें, क्योंकि कई बार ये फेक अकाउंट्स आपको धोखा देने के लिए बनाए जाते हैं.
फिशिंग ईमेल और मैसेज से बचें
ईमेल या मैसेज में आने वाले संदिग्ध लिंक या अज्ञात स्रोतों से आए अटैचमेंट को न खोलें, यह आपके डिवाइस को हैक कर सकते हैं.
सुरक्षित पासवर्ड का करें इस्तेमाल
हमेशा मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और समयसमय पर उसे बदलते रहें, ताकि कोई भी आपके अकाउंट को आसानी से एक्सेस न कर सके.
सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करें
फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर टूफैक्टर ऑथेंटिकेशन 2FA ऑन करें, ताकि कोई भी आपके अकाउंट तक न पहुंच सके.
सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग से बचें
सार्वजनिक वाईफाई नेटवर्क पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या बैंकिंग करने से बचें, क्योंकि इससे आपके अकाउंट की जानकारी चोरी हो सकती है.

1 मार्च 2025 से शुरू होंगी 10 नई ट्रेनें, टिकट बुकिंग आज से चालू

भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक और बड़ी घोषणा की है। 1 मार्च 2025 से 10 नई ट्रेनें शुरू की जा रही हैं, जिनसे यात्रा करना और भी आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। ये ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ेंगी और यात्रियों को तेज़, आरामदायक और किफायती यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। खास बात यह है कि इन ट्रेनों की टिकट बुकिंग आज से शुरू हो गई है। इस लेख में हम आपको इन नई ट्रेनों के रूट, फ्रीक्वेंसी, टिकट बुकिंग प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे।

1 मार्च 2025 से शुरू होने वाली नई ट्रेनों का परिचय

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन नई ट्रेनों को लॉन्च किया है। इनमें से कुछ ट्रेनें अनारक्षित (Unreserved) होंगी, जबकि अन्य ट्रेनों में रिजर्वेशन की सुविधा होगी। इस कदम का उद्देश्य अधिक यात्रियों को जोड़ना और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करना है।

नई ट्रेनों का अवलोकन (Overview Table)

विवरणजानकारी
शुरू होने की तारीख1 मार्च 2025
नई ट्रेनों की संख्या10
ट्रेन का प्रकाररिजर्वेशन और अनारक्षित दोनों
टिकट बुकिंगIRCTC ऐप, स्टेशन काउंटर
मुख्य रूटप्रमुख शहरों के बीच
लाभार्थीआम यात्री

नई ट्रेनों के रूट और टाइमिंग

इन ट्रेनों को देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। नीचे दी गई तालिका में इन ट्रेनों के रूट और समय का विवरण दिया गया है:

ट्रेन का नामरूटचलने का समयफ्रीक्वेंसी
वंदे भारत एक्सप्रेसदिल्ली – वाराणसीसुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तकप्रतिदिन
हमसफर एक्सप्रेसचेन्नई – बेंगलुरुरात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तकद्वि-साप्ताहिक
तेजस एक्सप्रेसजयपुर – उदयपुरसुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तकत्रि-साप्ताहिक
जन शताब्दी एक्सप्रेसपटना – रांचीसुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तकप्रतिदिन
सुपरफास्ट एक्सप्रेसमुंबई – पुणेसुबह 7:30 बजे से दोपहर 11:00 बजे तकप्रतिदिन

टिकट बुकिंग प्रक्रिया

ऑनलाइन टिकट बुकिंग

  • यात्री IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग करके आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया तेज़ और सुरक्षित है।
  • भुगतान के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग का उपयोग किया जा सकता है।

स्टेशन काउंटर से टिकट

  • जो यात्री ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर सकते, वे स्टेशन पर जाकर काउंटर से टिकट खरीद सकते हैं।
  • अनारक्षित ट्रेनों के लिए जनरल टिकट स्टेशन पर उपलब्ध होंगे।

UTS ऐप के जरिए टिकट

  • अनारक्षित ट्रेनों के लिए यात्री UTS ऐप का उपयोग कर सकते हैं।
  • यह प्रक्रिया समय बचाने में मदद करती है।
इन नई ट्रेनों में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जो यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेंगी:
हाई-स्पीड ट्रेनें: वंदे भारत और तेजस जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें यात्रियों को तेज़ी से गंतव्य तक पहुंचाएंगी।
  • आरामदायक सीटें: सभी श्रेणियों में आरामदायक सीटों की व्यवस्था होगी।
  • सुरक्षा: सीसीटीवी कैमरा, ऑटोमैटिक डोर लॉकिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी।
  • खाने-पीने की सुविधा: लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
  • अनारक्षित डिब्बे: बिना रिजर्वेशन वाले यात्रियों के लिए जनरल डिब्बों की सुविधा।

इन नई ट्रेनों का महत्व

इन नई ट्रेनों के शुरू होने से कई फायदे होंगे:

  • देश के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
  • यात्रा का समय कम होगा।
  • अधिक यात्रियों को यात्रा करने का अवसर मिलेगा।
  • रेलवे की आय में वृद्धि होगी।

नई अनारक्षित (Unreserved) ट्रेनें

IRCTC ने कुछ विशेष अनारक्षित ट्रेनें भी शुरू की हैं, जिनमें बिना रिजर्वेशन के यात्रा संभव होगी।

अनारक्षित ट्रेनों का विवरण

विवरणजानकारी
ट्रेन का प्रकारअनारक्षित (Unreserved)
डिब्बों के प्रकारजनरल और सीटिंग
टिकट बुकिंगस्टेशन काउंटर या UTS ऐप

इन नई ट्रेनों के लिए सुझाव

यात्रा करने वाले यात्रियों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

मथुरा जा रही थी हिंदू युवती, रास्ते में 3 बार बनाए मुस्लिम युवक से संबंध,

हाथरस. यूपी के हाथरस से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक हिंदू युवती मथुरा जा रही थी, तभी उसे रास्ते में एक मुस्लिम युवक ने रोका और कहा कि मेरे साथ होटल चलो. युवती उसकी बातों में आ गई और खुशी-खुशी उसके साथ चली गई. जहां पहुंचते ही युवक ने प्यार से उससे तीन शब्द बोले, जिसे सुनते ही युवती के तेवर बदल गए और मुस्लिम युवक की झूठी बातों में आ गई. मुस्लिम युवक ने उससे कहा कि मुझसे शादी करोगी? यह सुन युवती को उसपर भरोसा हो गया और उसके साथ 3 बार संबंध बना लिए. आइए जानते हैं पूरा मामला. दरअसल, हाथरस जिले में शादी का झांसा देकर एक मुस्लिम युवक पर हिन्दू युवती के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. युवक ने युवती से कोर्ट मैरिज की बात कहकर उसे अपने जाल में फंसाया और शहर के एक होटल में ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. वहीं पीड़ित युवती ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से इस घटना की शिकायत करी है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

सिर्फ डॉक्टर-इंजीनियर नहीं! इस फील्ड में भी करोड़ों का पैकेज, 12वीं के बाद कर सकते हैं ये कोर्स, जानिए पूरा प्लान

12वीं के बाद अधिकतर छात्र इंजीनियरिंग या मेडिकल को करियर विकल्प के रूप में देखते हैं, लेकिन कृषि क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं. आधुनिक तकनीकों और अनुसंधान के बढ़ते दायरे के साथ यह क्षेत्र अच्छे करियर अवसर प्रदान करता है. बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. 

12वीं के बाद कृषि क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी बेहतरीन विकल्प है. यहां एडवांस से लेकर डिप्लोमा कोर्स तक उपलब्ध हैं. यहां पर छात्रों को आधुनिक कृषि तकनीकों के बारें में पढ़ाया जाता है. यह यूनिवर्सिटी कृषि क्षेत्र में नए अवसर प्रदान कर रही है. 

12वीं के बाद कृषि में स्नातक 4 साल का कोर्स है, जिसको बीएससी- एग्रीकल्चर/ बीएससी–एग्रीकल्चर (ऑनर्स) कोर्स कहते हैं. इस कोर्स को प्रोफेशनल कोर्स की भी मान्यता है.
इसके लिए योग्यता 12 वीं में एग्रीकल्चर या बायोलॉजी से उतीर्ण होना है. बीएससी-एग्रीकल्चर कोर्स में एग्रीकल्चर के विभिन्न विषयों का अध्ययन वैज्ञानिक पद्धति से करते हैं, जिसमें सेमेस्टर है.
इस दौरान समस्त एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी के विषयों पर गहन अध्ययन, प्रायोगिक और सैद्धांतिक रूप से जानकारी दी जाती है. इसमें कई सारे कोर्स हैं, जैसे- फार्म मैनेजमेंट, प्रोडक्शन और प्रोटेक्शन, इकोनॉमिक्स, बायोलॉजिकल साइंसेज, नेचुरल एंड सोशल साइंसेज.
एग्रीकल्चर फील्ड में सिर्फ खेती ही नहीं होती, यहां इंजीनियरिंग और फूड साइंस का भी बड़ा रोल होता है. इसमें बायोलॉजी, कैमिस्ट्री, फिजिक्स, मैथ्स और स्टैटिस्टिक्स के बेसिक कॉन्सेप्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है. इससे फसलों की बेहतर पैदावार, प्रोसेसिंग और टेक्नोलॉजी को विकसित किया जा सके.
अगर एग्रीकल्चर की सही ट्रेनिंग ली जाए, तो सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर में बढ़िया नौकरियां मिल सकती हैं. आप फार्म मैनेजर, सुपरवाइजर, सॉइल साइंटिस्ट, कीट विशेषज्ञ (एंटोमोलॉजिस्ट), पैथोलॉजिस्ट, बागवानी विशेषज्ञ (हॉर्टिकल्चरिस्ट), एग्रोनोमिस्ट, मौसम वैज्ञानिक या पशुपालन विशेषज्ञ जैसे प्रोफेशन में अपना करियर बना सकते हैं.
अगर एग्रीकल्चर में दिलचस्पी है, तो इसमें कई जबरदस्त करियर ऑप्शन हैं. आप एग्रीकल्चरल इंजीनियर, कंप्यूटर इंजीनियर, फूड साइंटिस्ट, रिसर्च ऑफिसर, एग्रीकल्चर ऑफिसर, प्लांट फिजियोलॉजिस्ट, सर्वे रिसर्च इंजीनियर, एनवायर्नमेंटल कंट्रोल इंजीनियर, माइक्रोबायोलॉजिस्ट या फूड सुपरवाइजर जैसे प्रोफाइल में अपना करियर बना सकते हैं.
अगर एग्रीकल्चर में करियर बनाना चाहते हैं तो कई जगहों पर बढ़िया मौके मिल सकते हैं. भारत सरकार और राज्य सरकारों के कृषि विभाग, आईसीएआर के रिसर्च सेंटर, स्टेट एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, कृषि विज्ञान केंद्र, स्टेट एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन और मृदा जांच केंद्र जैसी जगहों पर नौकरी के अच्छे ऑप्शन होते हैं.
अगर एग्रीकल्चर से जुड़ी नौकरी चाहिए तो कई बड़े विभाग आपके लिए ऑप्शन हो सकते हैं. जैसे- राष्ट्रीय बीज निगम, केंद्रीय कृषि और पशुपालन मंत्रालय, राज्य कृषि और पशुपालन विभाग, जल और पर्यावरण मंत्रालय, मौसम विभाग आदि ढेरों मौके मिलते हैं.